This image represent to Mayawati

UP ki first Dalit CM Mayawati ji ki Biography in hindi

उत्तर प्रदेश की प्रथम दलित महिला मुख्यमंत्रीMayawati is the  First Dalit Chief minister of Uttar pradesh-

Mayawati जिनको भारत की सबसे युवा मुख्यमंत्री के रुप में  जाना जाता है। आजाद भारत के दलितो या पिछड़ो की प्रथम मुख्यमंत्री के रुप में भी जाना जाता है। राजनीतिक कैरियर में इन्होने बहुत सारी दिक्कतो का सामना किया। इन सभी दिक्कतो का सामान करके वह इस मुकाम तक पहुंची है।  मायावती जी को पूरे देश में बहन मायावती के नाम से जाना जाता है। मायावती जी जिस पार्टी के द्वारा मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुयी उस पार्टी को BSP (बहुजन समाज पार्टी) के नाम से जाना जाता है। यह बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। इसके अलावा यह उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री भी रह चुकी है। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम द्वारा पार्टी की स्थापना किया जा रहा था उस समय ये पार्टी के कोर टीम का हिस्सा रही। बसपा में शामिल होने से पहले यह एक शिक्षिका थी। इनकी प्रसिद्धि को देखते हुए इन पर विभिन्न पुस्तके लिखी है।

मायावती के बारे में About the Mayawati-

  • नाम- मायावती
  • अन्य नाम- बहन जी , आयरन लेडी मायावती,
  • जन्म- 15 जनवरी 1956
  • शहर- दल्ली
  • पिता का नाम –श्री प्रभु दास
  • माता का नाम-श्रीमती राम रती
  • वैवाहिक स्थिति-अविवाहित
  • शिक्षा-बीए,बी.एड.एलएलबी.
  • कैरियर- पहले शिक्षक,वकील,राजनीति
  • धर्म- हिन्दु
  • जाति-अनुसूचित जाति
  • राष्ट्रीयता- भारतीय

मायावती का परिवार Family of Mayawati-

इनके पिता प्रभु दास गौतमबुद्ध नगर में एक डाक कर्मचारी थे। इनकी माता गृहणी थी। इनके 6 भाई एंव 2 बहन है

राजनीतिक कैरियर – Politics of Mayawati

सन 1977 में राजनीति के प्रसिद्ध नेता कांशीराम इनसे मिले इनके भाषण और विचारो से वह इतना प्रभावित हुए कि इनको राजनीति में शामिल होने के लिए प्रेरित किये। मायावती भी कांशीराम से बहुत प्रभावित थी और इन्होने भी राजनीति में प्रवेश होने का फैसाल किया।

कुछ दिनो बाद सन 1984 कांशीराम द्वारा बहुजन समाज पार्टी की स्थापना किया गया। मायावती को इस पार्टी का सदस्य बनाया गया। यहां से इन्होने अपने राजनीति कैरियर की शुरुआत की

लोकसभा बिजनौर से 1989 में पहली बार सांसद के रुप में चयनित हुयी।

1994 में मायावती पहली बार राज्य सभा या संसद के उच्च सदन की सदस्य बनीं।

सन 1995 में सपा सरकार के साथ गठबंधन कर उत्तर प्रदेश राज्य की मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ग्रहण किया इसके साथ ही इतिहास में यह दर्ज हो गया कि मायावती देश की पहली अनुसुचित जाति की मुख्यमंत्री है और उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री है।

1997 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ लेकिन इस बार भी वह कुछ समय के लिए ही बन पायी।

15 दिसम्बर 2001 को एक भव्य समारोह में कांशीराम द्वारा इनको अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया था।

3 मई 2002 इनको तीसरी बार बीजेपी के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ लेकिन इनका यह कार्यकाल भी कुछ महीने तक चला।

18 सितम्बर 2003 को कांशीराम की तबियत खराब होने के कारण इनको बहुजन समाज पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

Mayawati  जुलाई 2004 में इन्होने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और दूसरी बार राजसभा की सदस्य बनी।

मई 2007 के चुनाव में इनके बहुमत मिला और यह चौथी बार मुख्यमंत्रीपद के रुप में चयन हुयी इस बार इन्होने अपने कार्यकाल पूरा किया और 2012 तक मुख्यमंत्री बनी रही।

मायावती के कार्यकाल में किये गये कार्य Work done during Mayawati’s tenure–

मायावती Mayawati  जी ने अपने कार्यकाल में लोगो के लिए बहुत सारे महत्वपूर्ण कार्य किये उसमें कुछ हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे है।

जिनके पास घर और जमीन नही है उनके लिए इन्होने कांशीराम आवास दिया।

जिनके पास जमीन नही थे उनको जमीन लीज्ड पर दिये गये।

इनके शासन काल में मेडिकल कालेज और इंजीनियरिंग कालेज खोले गये थे।

इनके शासन काल में बहुत सारे जिलो व मंडल का निर्माण किया गया था।

इनके शासन काल में लायन आर्डर काफी मजबूत रहा अन्य सरकार की अपेक्षा।

इनकी सरकार में उत्तर प्रदेश की सबसे अधिक GDP बढ़ी थी।

इनकी शासन काल में एन्टी रेप ला लाया गया था।

मायावती द्वारा लखनऊ,नोएडा और बादलपुर में प्रसिद्ध स्मारक बनाये गये जिसकी वजह से काफी लोगो को रोजगार मिला और सरकार को इससे आमदनी भी होती है।

कांशीराम के आदर्श वाक्य मायावती के लिए For the sentence of Kanshi Ram–

मायावती जिस समय शिक्षिका का काम कर रही है उसी समय यह आईएएस की तैयारी कर रही है तभी इनकी मुलाकात कांशीराम से हुयी थी। कांशीराम इनके बातो से इतना प्रभावित हुये कि जब उनको यह पता चला कि मायावती आईएएस बनना चाहती है तो उन्होने कहा कि भविष्य में मै तुम्हे इतना बड़ा नेता बना दुंगा कि तुम्हारे सामने आईएएस की लाइन लगी होगी।

मायावती को जेल जाना पड़ा  Mayawati had go to Jail–

यह घटना दिसंबर 1991 बुलंदशहर की है जब बुलंदशहर में मतपत्र देखने के लिए मायावती और डीएम की बीच झड़प हो गयी थी। मायावती को बुलंदशहर से नैनी जेल के लिए लाया जा रहा था। तब पेशे के वक्त एक दरोगा उनका एनकाउन्टर करने जा रहा था। उस समय मायावती लखनऊ पैसेन्जर से इलाहाबाद के लिए आ रही थी । ट्रेन जब रुकी तो मायावती दरोगा द्वारा पैदल चलने के लिए कहा जब पैदल चल रही थी तो दरोगा ने एनकाउन्टर करने के लिए पिस्तौल निकाल लिया था तभी उसी कोच में चल रहे आर्मी वाले दरोगा को रोका ऐसा मत करो आर्मी वालो के कहने पर दरोगा डर गया उसके बाद इनको रिक्शे पर बैठा कर पुलिस लाइन लाया गया। उसके बाद मायावती ने पुलिस से इसकी लिखित शिकायत की थी।

मायावती से जुड़े विवाद Controversy related to Mayawati-

मायावती जी के ऊपर 2007 बहुत सारे विवाद जुड़े रहे विपक्षी पार्टी इनके ऊपर आरोप लगाते रहे है कि जो कहती थी कि हम दलित की बेटी है लेकिन ये दलित की बेटी नही दौलत की बेटी है।

ताज हेरिटेज कॉरिडोर विवाद बताया जाता है कि इसका निर्माण 2002 में शुरु हुआ इसमे सीबीआई, पर्यावरण,सुप्रीम कोर्ट की नोटिस मिल चुका था। उसी द्वौरान इनको 17 करोड़ की बेनामी संपती का आरोप लगा लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस आरोप को खारिज कर दिया गया था।

2012 राज्यसभा का नामांकन पत्र दाखिल करते समय इन्होने अपनी संपत्ती 111 करोड़ दिखाया इनके ऊपर आरोप लगा है 2007 में इनके पास कुल संपत्ती 52 करोड़ थी। 5 साल ये दुगना हो गया है।

गेस्ट हाउस कांड में मायावती द्वारा सपा से अपना समर्थन वापस लेना के कारण मुलायम सिंह के लोगो द्वारा मायावती के बदतमीजी किया गया था जो काफी दिनो तक न्युज में था जिसके बाद बाद भाजपा द्वारा सपोर्ट किया गया कि यदि मायावती सरकार बनाना चाहती है तो भाजपा उनके साथ है।

2011 में विकिलीक्स द्वारा इनको तानाशाह, भ्रष्ट और शाही खर्चो वाला बताया गया था। विकिलीक्स द्वारा यह बताया गया था कि मायावती अपनी पसंद की सैंडिल मंगवाने के लिए निजी प्लेन को मुंबई भेजा था।

इनके ऊपर यह भी आरोप है कि इनको हमेशा डर रहता है इनके भोजन में जहर डाला जा सकता है इसके लिए ये अपने साथ एक खाने को चेक करने वाले को साथ में ले जाती है।

बायोग्राफी ऑफ पराग अग्रवाल

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *