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1 उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश को आजादी से पहले United Province of Avadh कहा जाता था। नये संविधान लागू होते ही 12 जनवरी 1950 को इसका नाम युनाइटेड प्रोविन्स से उत्तर प्रदेश कर दिया गया। उत्तर प्रदेश को ऋषि मुनि का राज्य कहा जाता है। इस राज्य को राम कृष्ण की भूमि भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश भारत का ऐसा राज्य है जिसके बारे में जितना बताया जाय उतना कम लेकिन फिर भी उत्तर प्रदेश के बारे में संक्षिप्त में बात करते है।

उत्तर प्रदेश का इतिहास (History of Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश की इतिहास की बात किया जाय तो उत्तर प्रदेश का इतिहास लगभग 4000 साल से पुराना है। लेकिन वैज्ञानिक ने उत्तर प्रदेश की बेलन नदी घाटी पुरातात्विक खोज की जहां पर इनको पाषाण युगीन अवशेष प्राप्त हुए जो 17000 वर्ष पुराने है। प्राचीन समय से उत्तर प्रदेश के धरती को बहुत सारे लोगो द्वारा रोशन किया गया। आज उत्तर प्रदेश की बात किया जाये तो उत्तर प्रदेश भारत का जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है तथा क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्यप्रदेश राजस्थान तथा महाराष्ट्र के बाद स्थान आता है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी (Capital of Uttar Pradesh)-

इस राज्य की राजधानी भी कई बार बदला गया जैसे 1858 तक इसकी राजधानी आगरा थी इसके 1858 से 1921 तक इसकी राजधानी प्रयागराज(इलाबाद कहते है) रही 1921 के बाद इसकी राजधानी लखनऊ रही जो आज तक है।

उत्तर प्रदेश की जनसंख्या (Population of Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश भारत का ऐसा राज्य है जिसकी जनसंख्या इतनी है कि इस राज्य की जनसंख्या के आगे विश्व के चार देश को छोड़ कर बाकी सभी देश पीछे है आइये जाने है वो कौन से देश है उत्तर प्रदेश से जनसंख्या में आगे है वो देश चीन, रुस,अमेरिका, पाकिस्तान है।

उत्तर प्रदेश राज्य का विभाजन (Division of Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश से उत्तराखण्ड को देश के 27वें राज्य के रुप में 9 नवम्बर 2000 को 13 जिले के साथ अलग कर दिया गया। जब उत्तराखण्ड का गठन हुआ तब इसका नाम उत्तराचल था बाद में इसका नाम उत्तराखण्ड कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश की सीमा(Border line of Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश की पूरब से पश्चिम की लम्बाई 650 किमी तथा उत्तर से दक्षिण की लम्बाई 240 किमी है। इस राज्य से 8 राज्य तथा एक केन्द्रशासित प्रदेश तथा एक देश लगा हुआ है।

उत्तर प्रदेश की सीमा से लगने वाले राज्य व देश-

उत्तराखण्ड,हिमाचलप्रदेश,हरियाणि,दिल्ली,मध्यप्रदेश,राजस्थान,छत्तरीगढ़,झारखण्ड,बिहार।

उत्तर प्रदेश की सीमा से लगने वाला एकमात्र देश नेपाल है

इसकी सीमा से एक मात्र केन्द्रशासित प्रदेश दिल्ली लगा हुआ है।

चीन के बारे में जानने के लिए यहां किल्क करे

मध्य प्रदेश द्वारा सीमा का साझा अन्य राज्यो से अधिक है। तथा सबसे कम सीमा का साझा हिमाचल प्रदेश है।

उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला सबसे अधिक राज्यो की सीमा को स्पर्श करता है। ये राज्य है मध्यप्रदेश,बिहार,छत्तीसगढ़,झारखण्ड।

उत्तर प्रदेश का राजकीय चिन्ह (State Symbole of Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश का मोहर या कह सकते है राजकीय चिन्ह एक वृत्त है जिसके अन्दर उपर की तरफ तीर धनुष, गंगा युमुना बहती हुई और नीच दाये बाये दो मछलीयां है। इस मोहर या पहचान को 1938 में स्वीकार किया गया था।

राजकीय पशु बारहसिंघा
राजकीय मछली मोय, चीतल
राजकीय वृक्ष अशोक
राजकीय पुष्प पलास, ढाक, टेसू
राजकीय पक्षी सारस
राजकीय खेल हाकी
राजकीय मिठाई जलेबी
राजकीय फल आम

उत्तर प्रदेश का जिला तथा मंडल-

इस राज्य को 75 जिले तथा 18 मंडल के रुप में बाँटा गया है।इसको 18वें मंडल के रुप में अलीग़ढ़ मिला था। इसका सबसे बड़ा मंडल कानपुर तथा लखनऊ है और सबसे छोटा मंडल सहारनपुर है।

मंडल-

गोरखपुर बस्ती अयोध्या
लखनऊ कानपुर प्रयागराज
वाराणसी अलीगढ़ आगरा
चित्रकूट आजमगढ़ बरेली
सहारनपुर मेरठ झांसी
मुरादाबाद देवीपाटन विन्ध्याचल

विधानसभा तथा लोकसभा-

यह भारत के 6 राज्यो में से एक है जहां पर विधानमंडलद्विगुणित है। इसमें दो सदन है।विधानस भा तथा विधानपरिषद

विधानसभा-

इसमे सदस्यो की संख्या 404 है जिसमें एक आंग्ल भारतीय भी सम्मलित होता है जो राज्यपाल द्वारा मनोनित होता है। इस समय विधान सभा के सभापति ह्रदयनरायण दीक्षित है। और विपक्ष के नेता राम गोविन्द चौधरी है जो सपा पार्टी से है

विधानपरिषद-

विधानपरिषद उत्तर प्रदेश के साथ साथ पांच और राज्यो में है जैसे- कर्नाटक,महाराष्ट्र,बिहार,तेलंगाना, आन्ध्रप्रदेश

विधानपरिषद विधानमंडल का अंग है। उत्तर प्रदेश के विधान परिषद में कुल 100 सदस्य है। इसके सदस्य को अप्रत्यक्ष चुनाव के द्वारा चुना जाता है। तथा कुछ सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनित किये जाते है।इनके सदस्यो का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।

सर्वाधिक विधानसभा वाला जिला प्रयागराज है यहां पर कुल विधानसभा सीट 12 है।

लोकसभा-

यह भारतीय संसद का निचला सदन है भारतीय संसद का ऊपरी सदन राज्य सभा है। लोकसभा के सदस्यो का कार्याकाल 5 वर्ष का होता है। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कुल सीटो की संख्या 80 है जो पूरे देश में सभी राज्यो से अधिक है।

राज्यसभा-

राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्यो की संख्या 31 है इनका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।

राष्ट्रपति शासन-

अलग अलग राज्यो की बात किया जाय तो अब तक सभी राज्यो का मिलाकर 126 बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। मणिपुर, उत्तर प्रदेश,तथा जम्मू काश्मीर सबसे अधिक 10 बार राष्ट्रपति शासन लग चुकाहै।

उत्तर प्रदेश में नदियों के बारें में (River in Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदी जो यहां की जीवन दायनी है नो निम्म प्रकार है

गंगा यमुना सरयु गोमती राप्ती
रामगंगा बेतवा सोन हिंडन मंदाकिनी
सई कुआनो घाघरा केन

गंगा नदी-

देश की सबसे महत्वपूर्ण नदी है। गंगा के बारे में जितना कहा जाय तो उतना कम है।

गंगा का स्रोत-गंगोत्री हिमनद है। यह भारत तथा बंग्लादेश में देखा जाय तो इसकी कुल लम्बाई 2525 किलोमीटर है। इसके सहायक नदियों में देखा जाय तो

बाये से सरयु, कोसी, गंडक,करनाली,महाकाली आदि

दाये से यमुना, सोन, महानदी

वैज्ञानिक मानते हैं कि इस नदी के जल में बैक्टीरियोफेज नामक विषाणु होते हैं, जो जीवाणुओं व अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों को जीवित नहीं रहने देते हैं।

2008 में भारत सरकार द्वारा इस नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया है।

प्रयाग तथा हल्दिया के बीच जो 1600 किलोमीटर है इसे राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है।

गंगा नदी की प्रधानशाखा भागीरथी है।

गंगा नदी के उदगम स्थान की ऊचाँई 3140 मीटर है।

बहुत से तीर्थस्थल गंगा नदी के किनारे बसे है जैसे वाराणसी, प्रयागराज,हरिद्वारा आदि।

यमुना नदी-

यमुना नदी उत्तराखण्ड हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में बहती है। कहा जाता है प्राचीन समय में एक ऋषि असित

थे जिन्होने इसकी खोज की थी उनके नाम पर यमुना को असित से सम्बोधित किया जाता था। यमुना नदी का उद्गम स्थान उत्तराखण्ड के गढ़वाल नामक जिले के यमुनोत्री नामक स्थान से हुआ है। वैसे यदि कहा जाये तो यमुना का उदगम स्थान हिमालय के हिमाच्छादित श्रंग बंदरपुच्छ ऊँचाई 6200 मीटर से 7 से 8 मील दूर पश्चिम में स्थित कालिंद पर्वत है इसी कारण यमुना को कालिंदी भी कहा जाता है। अपने उदगम पर यह विशाल हिमगारो और हिम मंडित कंदराओं में बहते हुए पहाड़ी के ढ़लाने से बहुत तीव्र गति से यमुनोत्तरी पर्वत से गिरती है यमुनोत्तरी से निकलने के बाद यह कई पर्वतो से होते हुए कई छोटी बड़ी नदिया वदियर, कमलवाद तथा तोंस जैसी नदी को अपने समेटते हुए दून की घाटी में प्रवेश करती है।

वहां से आगे बढ़ते हुए सिरमौर, गिरि आशा नामक नदी को अपने मे मिलाते हुए आगे बढ़ती है।

उत्तराखण्ड से निकलने के बाद दिल्ली, मथुरा,आगरा,इटावा, कानपुर होते हुए प्रयागराज में यह वृहत रुप में गंगा से संगम करती है।

उत्तर प्रदेश में यह नदी निम्न प्रमुख नदी को अपने में मिलाये है जैसे- करबन और गंभीर, चम्बल, सेंगर, छोटी सिन्ध,बतवा आदि नदी प्रमुख है

इसके लिए यमुना द्वारा 1376 किमी की दूरी तय की जाती है।

गोमती नदी –

उत्तर प्रदेश में बहने वाली प्रमुख नदी में से एक है। इसका उद्गम स्थान पीलीभीत जिले के फुल्हर झील(गोमत ताल) से होता है। यह नदी उत्तर प्रदेश में लगभग 900 किमी बहती है। यह वाराणसी के निकट सैदपुर के पास कैथी नामक स्थान पर गंगा में मिल जाती है। इस नदी को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस नदी की सहायक नदी सई, कथिना, सरायन,छोहा,सुखेता आदि है। हिन्दु मान्याता के अनुसार दशहरा के पावन अवसर पर यदि कोई व्यक्ति इस नदी में स्नान करता है तो उसके सारे पाप धुल जाते है। इसके बारे में एक कहावत है कि

ग्रहणे काशी, मकरे प्रयाग। चैत्र नवमी अयोध्या, दशहरा धोपाप।

इस नदी के किनारे बसे शहर लखनऊ, जौनपुर तथा सुल्तानपुर है।

राप्ती नदी-

इस नदी को इरावती नदी के नाम से जानते है यह नदी नेपाल के हिमालय की धौलागिरी पर्वतश्रेणी के समीप से होता है। घाघऱा की सहायक नदी भी इसे कहते है। इस नदी के बसा मुख्य शहर गोरखपुर है यह नदी देवरिया के नजदीक घाघरा नदी में मिल जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई लगभग 600 किमी है।

रामगंगा-

यह नदी उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के अल्मोड़ा जिले के विभिन्न प्राकृतिक स्रोतो से निकल लघु सरिताओं के रुप में तड़ागताल में पहुँचती है जहां से कुछ ही दूरी पर स्वच्छ स्वेत धवल सी भूगर्भ से निकलती है इसी आस्तित्व में रामगंगा के नाम से पुकारी जाती है। या कुछ लोगो का कहना है रामगंगा नदी का उद्गम स्थान उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल जिले में दूधातोली पहाड़ी की दक्षिणी ढलानो में होता है। नदी के स्रोत को दिवालीखाल कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश में यह नदी बिजनौर जिले में स्थित कालागढ़ के मैदान में प्रवेश करती है। आगे चल कर इस सिचाई तथा पनबिजली उत्पादन के उद्देश्य से बाँध बनाया गया है। 15 मील आगे बढ़ने पर खोह से इसका संगम होता है उसके बाद यह मुरादाबाद जिले में प्रवेश करती है। वहां से यह रामपुर जिले की तरफ बढ़ कर चमरौल के पास इसका संगम कोशी से होता है। रामपुर से आगे बढने के बाद बरेली जिले में प्रवेश करती है। कुछ दूरी पर भाखड़ा और किच्छा की सयुक्त धारा इसमें मिलती है। यहां से आगे बढ़ने पर देवरनियाँ और नकटिया नदियो का संगम होता है। यहां से आगे बढ़ने पर बदायुँ, शाहजहाँपुर, जलालाबाद ,हरदोई जिले में प्रवेश करती है। इसके बाद कन्नौज में आकर गंना नदी में मिल जाती है।

बेतवा नदी-

यह नदी मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में बहती है। इसका प्राचीन नाम वेत्रवती है।यह नदी यमुना नदी की सहायक नदी भी है इसका उद्गम स्थान मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुम्हारागाँव से निकलती है। यह भोपाल, विदिशा, झाँसी, ललितपुर आदि जिलो से होकर बहती है। इसकी कुल लम्बाई 480 किलोमीटर है। यह हमीरपुर में यमुना नदी में मिल जाती है।

सोन नदी-

यह नदी मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले के अमरकंटक के पास उतपन्न होती है। इस नदी को सोनभद्र शिला के नाम से भी जानते है। यमुना नदी के बाद यह गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। यह नदी मध्य प्रदेश से होकर उत्तर प्रदेश तथा झारखण्ड से होते हुए बिहार में गंगा नदी में मिल जाती है। इस मध्य प्रदेश की प्रमुख नदी भी कहते है। इस नदी का रेत पीले रंग का है जो सोने की तरह चमकता है इसलिए इसे सोन नदी कहा जाता है। इस नदी की कुल लम्बाई 780 किमी है।

हिंडन नदी-

इसका प्राचन नाम हरनंदी है। यह यमुना नदी की सहायक नदी है। इस उद्गम स्थान सहारनपुर जिले मे हिमालय क्षेत्र के ऊपरी शिवालिक पर्वतमाला से है। यह नदी वर्षा पर निर्भर है। यह नदी मुजफ्फऱनगर, मेरठ,बागपत, गाजियाबाद,नोएडा,से गुजरते हुए दिल्ली में यमुना में मिल जाती है। इस समय यह नदी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है क्योकि इस नदी गंदगी की भरमार है।

मंदाकिनी-

यह दो नदी है एक उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में बहती है जो मध्य प्रदेश के सतना जिले से निकर कर उत्तर प्रदेश में कर्वी में यमुना में मिल जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई 50 किमी है। यह हिन्दू धर्म में पवित्र माने जाने वाले स्थान चित्रकुट से होकर बहती है।

मंदाकिनी नदी-

यह नदी उत्तराखण्ड में बहती है। इसका उद्गम स्थान केदारनाथ के निकट चाराबाड़ी हिमनद है। मंदाकिनी नदी रुद्रप्रयाग में अलकनंदा से मिल जाती है।

सई नदी-

यह नदी हरदोई जिले के भिजवान झील से निकलती है। जो हरदोई उन्नाव लखनऊ रायबरेली प्रताबगढ से बहते हुए जौनपुर में गोमती नदी में मिल जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई 563 किमी है।

कुआनो नदी-

इस नदी का उद्गम स्थान बहराईच जिले में स्थित एक कुए से हुआ है शुरु में यह एक नाले की तरह है लेकिन आगे जाकर यह नदी का रुप ले लेती है यह नदी बहराईच, गोंडा, बस्ती, संतकबीर नगर तथा गोरखपुर में बहती है। यह नदी संतकबीरन नगर में बुढी राप्ती में मिल कर आगे जाकर घाघऱा नदी में मिल जाती है।

घाघरा नदी-

इस नदी को कर्णाली नदी भी कहते है। यह भारत के अलावा तिब्बत तथा नेपाल में भी बहती है। यह गंगा नदी की सहायक नदी है। यह तिब्बत मे हिमालय के क्षेत्र मानसरोवर के समीप से निकलती है।जब यह नेपाल में प्रवेश करती है तो इसे कर्णाली के नाम से जानते है। यह उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर 170 किमी की दूरी तय करने के बाद बलिया के नजदीक गंगा में मिल जाती है।

अयोध्या में इस नदी को सरयु नदी के नाम से जानते है।

केन नदी-

यह नदी यमुना नदी की सहायक नदी है इसका उद्गम विंध्याचल पर्वत से होता है। यह बुन्देलखंड से निकल कर यमुना नदी में मिल जाती है।यह मध्य प्रदेश के कटनी से प्रारम्भ होकर पन्ना में कई धारोओ को जोड़कर उत्तर प्रदेश के बाँदा में यमुना में मिल जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई 250 किलोमीटर है।

इसकी सहायक नदीयो में उर्मिला तथा सोनार नदी है।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख झील-

बखीरा -संत कूबीर नगर रामगढ़ ताल-गोरखपुर करैला झीला-लखनऊ कुन्द्रा समुन्दर-उन्नाव
बलहापार -कानपुर फुल्हर झील-पीलीभीत देवरिया ताल-कन्नौज गोविन्द बल्लभ पन्त सागर कृत्रिम झील-सोनभद्र
बरुआ सागर- झाँसी अलवार झील-कौशाम्ब जिर्गो जलाशय-मिर्जापुर राजा का बाँध-सुल्तान पुर

उत्तर प्रदेश के प्रमुख लोकगीत-

सोहर बिरहा मल्हौर कजरी
आल्हा होरी रसिया होली गीत चैती -चैता

उत्तर प्रदेश का प्रमुख लोक नृत्य-

उत्तर प्रदेश के कुछ प्रमुख नृत्य जो लोगो द्वारा अलग अलग जिलो में किये जाते है।

चरकुला छोलिया नृत्य मयूर नृत्य धुरिया नृत्य
रास नृत्य कठघोड़वा नृत्य धोबिया नृत्य जोगिनी नृत्य

उत्तर प्रदेश के प्रमुख संगीतज्ञ

बिस्मिल्ला खाँ- शहनाई वादन पं. रविशंकर-सितार बिरजू महाराज-कत्थक
अनोखे लाल मिश्र-तबला किशन महाराज-तबला पं. शखाराम-पखावज

उत्तर प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डा-

चौधरी चरण सिंह अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लखनऊ में है।

डॉ. अम्बेडकर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा मेरठ में है।

हिंडन हवाई अड्डा इलाहाबाद में हैं।

सरसवा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सहारनपुर में है।

बाबत पुर हवाई अड्डा वाराणसी में है।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन स्थल-

उत्तर प्रदेश का पर्यटन स्थल सिर्फ विदेशियो को नही बल्कि देश के लोगो को भी आकर्षित करता है। इसलिए कहा गया है कि

यदि आप भारत देश में रहते है तो उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल के बारे में न जाने ऐसा हो नही सकता है। यहां हम बात करेगें उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल के बारे में आइये देखते है उत्तर प्रदेश के कुछ मुख्य पर्यटन स्थल के बारे में

गोरखपुर-

गोरखनाथ रामगढ़ताल गीता प्रेस
नेहरु पार्क तरकुलही देवी मंदिर बुढिया माई मंदिर
कुष्मी वन सुरजकुंड रेलवे संग्राहलय

संत कबीर नगर-

मगहर बखिरा झील तामेश्वर नाथ धाम

आगरा-

ताजमहल जोधाबाई का महल जामा मस्जिद फेतहपुर अकबर का मकबरा
लालकिला आगरा

मथुरा-

द्वारिकाधीश मंदिर कृष्ण जन्म भूमि राधाकुण्ड
दाउजी का मंदिर प्रेम मंदिर

खनऊ-

घंटाघर जामा मस्जिपद छोटा इमामबाड़ा बड़ा इमामबाड़ा
रुमी दरवाजा बटलर पैलेस अकबरी दरवाजा बनारसी बाग

अयोध्या-

हनुमान मंदिर राम जन्म भूमि कनक भूमि त्रेता के ठाकुर
सीता की रसोई बहु बेगम का मकबरा

वाराणसी-

काशी विश्वनाथ मंदिर दशाश्र्वमेघ घाट मारकण्डेय महादेव मंदिर संकटमोचन मंदिर
अस्सी घाट कथवाला मंदिर मणिकर्णिका घाट सारनाथ

प्रयागराज-

संगम हनुमान मंदिर आनंद भवन अप्फ्रेंड पार्क
अशोक स्तम्भ खुसरो बाग अक्षय़ वट इलाहाबाद का किला
महर्षि भृगु का आश्रम स्वराज भवन गुरावली घाट संग्रहालय

चित्रकूट

रामघाट कामतानाथ सती अनसूया हनुमान धारा

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय पार्क (National Park of Uttar Pradesh)-

जो भी व्यक्ति प्रकति प्रेमी है उनके नजरिये से भी उत्तर प्रदेश एक अच्छा राज्य है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बहुत सारे शहर में जीवो के संरक्षण के लिए चिड़िया घऱ तथा पार्क बनवाया गया है जहां पर इन जीवो की सुरक्षा किया जाता है आइये जानते है वो कौन कौन से स्थान है जहां पर जीवो के संरक्षण के लिए ऐसे पार्क बनाये गये है।

राष्ट्रीय पार्क लखनऊ वेली ऑफ फ्लावर नेशनल पार्क-लखनऊ
दुधवा राष्ट्रीय पार्क- लखीमपुर खीरी चंद्र प्रभा वन्यजीव अभयारण्य-वाराणसी
राष्ट्रीय चंबल अभयार्ण्य माधोपुर,धौलपुर करौली, कोटा बूँदी पीलीभीत टाइगर रिजर्व
हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य कैमूर वन्यजीव अभयारण्य
कतर्निय घाट वन्यजीव अभयरण्य किशनपुर वन्य अभयारण्य-लखीमपुर खिरी जिले में है
रानीपुर वन्यजीव अभयारण्य-इलाहाबाद सुहेलदेव वन्यजीव अभयारण्य-बलरामपुर और श्रावस्ती

त्तर प्रदेश के प्रमुख पक्षी अभयारण्य-

समन पक्षी अभयारण्य-मैनपुरी जय प्रकाश पक्षी अभयारण्य-बलिया
ओखला पक्षी अभयारण्य-गौतम बुद्ध नगर नवाब गंज पक्षी अभयारण्य- लखनऊ कानपुर मार्ग
सुर सरोवर पक्षी अभयारण्य-आगरा

उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाँध (Important Dam Of Uttar Pradesh)-

बाँध नदी जिला
ओबरा बाँध रिहंद नदी सोनभद्र
माताटीला बाँध बेतवा नदी ललितपुर
पारीछा बाँध बेतवा नदी झाँसी
कालागढ़ बाँध रामगढ़ नदी उ.प. विजनौर, और उत्तराखण्ड के पौड़ी जिला
रोहणी बाँध रोहणी नदी ललितपुर
अर्जुन बाँध अर्जुन महोबा
चंद्रप्रभा चंद्रप्रभा चंदौली
सुकमा-डुकमा बेतवा झाँसी
गोविन्द सागर शहजाद ललितपुर
गोविन्त बल्लभ पन्त सागर बाँध रिहन्द पिपरी सोनभद्र
रामगंगा बाँध रामगंगा धामपुर
मेजा बाँध बेलन मिर्जापुर

त्तर प्रदेश के प्रमुख लघु एंव कुटीर उद्योग-

उद्योग का नाम जिला
टेराकोट गोरखपुर
मिट्टी का खिलौना आगरा
दरी निर्माण आगरा,इटावा,अलीगढ,मिर्जापुर,बरेली
इत्र एवं सुगन्धित तेल गाजीपुर, जौनपुर,लखनऊ,कन्नौज
दिया सलाई उद्योग इलाहाबाद, बरेली, सहारनपुर,मेरठ
ताला चाकू, कैंची अलीगढ़,मथुरा,मेरठ,हाथरस
पीतल की मुर्ति मथुरा
नल का पाइप लखनऊ,इलाहाबाद,कानपुर
टार्च लखनऊ
साबुन उद्योग आगरा,मेरठ, कानपुर,मोदीनगर,गाजियाबाद
पेठा उद्योग आगरा
ऊनी वस्त्र उद्योग कानपुर
मार्बल उद्योग आगरा
कारपेट उद्योग भदोही
चर्म उद्योग कानपुर,आगरा
पीतल के वर्तन वाराणसी,मुरादाबाद
कांच के चुड़ी उद्योग फिरोदाबाद
सिगरेट उद्योग गाजियाबाद सहारनपुर
चाकू उद्योग रामपुर
आंवला प्रताप गढ़
साफ्टवेयर नोएडा
आभूषण वराणसी
सीमेन्ट उद्योग मिर्जापुर
ट्रांसफार्मर झाँसी
बांसुरी उद्योग पीलीभीत
प्लाईवुड उद्योग नजीबाबाद, सीतापुर

त्तर प्रदेश के राज्यपाल (Governer of Uttar Pradesh)-

सरोजनी नायडू बी.बी मलिक होरमसजी मोदी कन्हैलाल माणिकलाल मुंशी
वराहगिरी वेंकट गिरी बुर्गुला रामकृष्ण राव विश्वनाथ दास वेज़वाड गोपाल रेड्डी
शशीकान्त वर्मा(कार्यकारी अकबरी अली खान मर्री चेन्ना रेड्डी गणपतराव देवजी तपासे
चन्देश्वर नारायण प्रसाद सिंह मोहम्मद उस्मान आरिफ बी. सत्य नारायण रेड्डी मोती लाल वोरा
मुहम्मद शाफ़ी कुरेशी सूरज भान विष्णु कान्त शास्त्री सुदर्शन अग्रवाल(कार्यकारी)
टी.वी.राजेश्वर बनवारी लाल जोशी अजीज़ कुरेशी(कार्यकारी) राम नाइक
आनंदीबेन पटेल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM of Uttar Pradesh)-

उत्तर प्रदेश राज्य में जब से देश आजाद हुआ तब से अब तक कौन कौन मुख्यमंत्री हुए है वो कौन से पार्टी से थे उनकी सूची

मुख्यमंत्री पार्टी
गोविन्द वल्लभ पंत काग्रेस
सम्पूर्णानन्द कांग्रेस
चन्द्रभान गुप्ता कांग्रेस
सुचेता कृपलानी कांग्रेस
चन्द्रभान गुप्ता कांग्रेस
चरण सिंह भारतीय क्रांती दल
चन्द्रभान गुप्ता कांग्रेस
चरण सिंह भारतीय क्रांती दल
त्रिभुवन नरायण सिंह क्रांग्रेस
कमलापति त्रिपाठी कांग्रेस
हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस
नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस
रामनरेश यादव जनता पार्टी
बनारसी दास जनता पार्टी
विश्व नाथ प्रताप सिंह कांग्रेस
श्रीपति मिश्र कांग्रेस
नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस
वीर बहादुर सिंह कांग्रेस
नारायण दत्त तिवारी कांग्रेस
मुलायम सिंह यादव जनता दल
कल्याण सिंह बी.जे.पी.
मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी
मायावती बी.एस.पी.
मायावती बी.एस.पी.
कल्याण सिंह बी.जे.पी.
राम प्रकाश गुप्त बी.जे.पी.
राजनाथ सिंह बी.जे.पी.
मायावती बी.एस.पी.
मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी
मायावती बी.एस.पी.
अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी
आदित्यनाथ बी.जे.पी.

उत्तर प्रदेश के रोचक तथ्य Importent fact of Uttar pradesh-

प्रतिवर्ष 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है।

क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है।

जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है।

उत्तर प्रदेश राज्य का विभाजन 9 नवम्बर 2000 को उत्तराखण्ड के रुप में हुआ था।

उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला जिला लखीमपुर खीरी है। तथा हापुड़ सबसे कम क्षेत्रफल वाला जिला है।

उत्तर प्रदेश में थारु जनजाति सबसे बड़ी जनजाति है।

अशोक द्वारा निर्मित भारत का राजचिन्ह सिंह स्तम्भ सारनाथ में है।

उत्तर प्रदेश की वाणिज्यक फसल गन्ना है।

उत्तर प्रदेश में परमाणु ऊर्जा केंद्र नरौरा में है।

तानसेन का मकबरा ग्वालियर में है।

आगरा शहर की स्थापन सिंकदर लोदी ने करवायी थी।

उत्तर प्रदेश में महानगरो की संख्या 6 है।

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ाल वन्य जीव विहार हस्तिनापुर में है।

उत्तर प्रदेश का प्रमुख फसल गेहूं है।

उत्तर प्रदेश का सास्कृतिक केन्द्र प्रयागराज को कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश सरकार को आय का सबसे बड़ा भाग पंजीकरण शुल्क से प्राप्त होता है।

दादरी ताप विद्युत परियोजना गौतम बुद्ध नगर में है।

रिंहद ताप विद्युत परियोजना सोनभद्र में है।

ऊंचाहार ताप विद्युत परियोजना रायबरेली में है।

धान का कटोरा चंदौली को कहा जाता है।

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