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About the Income Tax Return in hindi

ITR(Income tax return)-

पिछले वित्तीय वर्ष में आपने जो भी कमाया है उसमें जो भी टैक्स बनता है वह सरकार को प्रदान करना होता है यह जो सरकार को प्रदान किया जाता है इसे ही आईटीआर कहते  है। यह आईटीआर सरकार अपने विभिन्न  गतिविधियो में या जनता की सुविधा के लिए इस्तेमाल करती है।

ITR क्या है

आयकर रिटर्न (Income Tax Return) में आप जो भी काम करते है जैसे नौकरी, व्यवसाय या अपने पेशे से कोई काम इससे जो भी कमाई होती उसका लिखित रुप से हिसाब किताब सरकार को प्रदान करना ही आयकर रिटर्न है।

किसके अन्तर्रगत आता है –

यह विभाग वित्तमंत्री के अन्तर्गत आता है इस समय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण है।

इसके अलावा आयकर विभाग केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सी बी डी टी) के पर्यवेक्षण और नियंत्रण के तहत काम करता है। यह देश भर में 400 से अधिक शहरों और कस्बों में स्थित लगभग 60,000 कार्मिक रखता है। क्षेत्रीय कार्यालय क्षेत्रों में विभाजित है, और प्रत्येक क्षेत्र का एक मुख्य आयुक्त आयकर के नेतृत्व में है। प्रत्येक क्षेत्र को वार्षिक प्रर्दशन लक्ष्य सौंपा गया है, इस तरह के राजस्व संग्रहण, और इसके परिचालन व्यय के साथ पूरा करने के लिए आवश्यक व्यय वजट के साथ प्रदान किया गया है।

आयकर विभाग के महानिदेशक-

Income Tax Return  विभाग की महानिदेशक  डॉ. साधना शंकर है

किस एक्ट के अन्तर्गत आता है-

यह income Tax Act 1961 की धारा 139(1) अन्तर्गत आता है।

ITR कौन फाइल करता है-

जिस व्यक्ति की वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक है वह व्यक्ति आटीआऱ फाइल कर सकता है।

आईटीआर भरने का अधिकार –

इसको भरने का अधिकार भारत के प्रत्येक व्यक्ति जिनकी आय 2.50 लाख से अधिक है या वह व्यवासायी है या सार्वजनिक कंपनी का मालिक हो या कोई फर्म या कोई संघ है सभी लोग आयकर भर सकते है ।

इसके अलावा वो व्यक्ति आयु 60 से 80 के बीच है और उनकी आय 10 लाख से अधिक है वो आईटीआर भर सकते है।

भारत का वह नागरिक जिसका विदेश में संपत्ती है वह भी इसके अधिकार में आता है।

कोई भी कंपनी या कोई संगठन हो चाहे वह लाभ में हो या हानि में उसे आयकर भरना जरुरी है।

आईटीआर भरने से लाभ –

जब आप किसी वीजा के लिए आवेदन करते है तो वहां पर ITR देना जरुरी होता है।

यदि आप किसी बैंक में लोन लेने जाते है आईटीआर रहने पर बैंक आपको आसानी से लोन दे देता है।

टैक्स को रिफंड प्राप्त करने के लिए इसको भरना जरुरी होता है।

आईटीआऱ का प्रयोग ऐड्रेस प्रुफ के रुप में कर सकते है।

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ITR फार्म के प्रकार-

इनकम टैक्स विभाग आपको 7 प्रकार के फार्म प्रदान करते है इन फार्मो का अलग अलग मतलब होता है जिनका प्रयोग विभिन्न प्रकार के टैक्स भरने के लिए करते है। आइये जानते है इन फार्मो का मतलब क्या होता है और यदि आप टैक्स के अन्तर्गत आते है तो आप कौन सा फार्म भरेगें।

फार्म-1

इस फार्म को सहज के नाम से जानते है। सहज फार्म ऐसे व्यक्तियो द्वारा फाइल किया जाता है जिनका इनकम पेंशन,ब्याज,लाटरी या अन्य तरीको से होता है।

फार्म-2

यह हिन्दू अविभाजित परिवारो के लिए जिसके आय का स्रोत किसी व्यवसाय या अन्य लाभ के पद नही है।

फार्म-3

यह हिन्दू अविभाजित परिवारो के लिए जिसके आय का स्रोत किसी व्यवसाय या अन्य लाभ के पद है।

फार्म-4

यह फॉर्म उन व्यक्तियों, HUFs व पार्टनरशिप फर्म्स (LLP के अलावा) के लिए है, जिन्हें भारत के नागरिक के निवासी के तौर पर 50 लाख रुपये तक की कुल आय होती है

फार्म-5

यह फॉर्म कंपनी और फॉर्म ITR-7 फाइल करने वाले व्यक्तियों के अलावा अन्य सभी के लिए होता है।

फार्म-6

इस फार्म को उन सभी कंपनीयो के लिए तैयार किया गया है जो इनकम टैक्ट की धारा 11 में छूट का दावा नहीं करते है।

फार्म-7

इस फार्म भरने वाले के पास निम्न योग्यता होनी चाहिए।

समाचार एजेंसी, वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों और अन्य के तहत आय प्राप्त करने वाली संस्थाएँ धारा 139 (4C) धारा 139 (4 डी) के तहत संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों या ग्राम उद्योगों से आय प्राप्त करना ट्रस्ट के तहत पंजीकृत संपत्ति से आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति धारा 10 (23 ए) और 10 (23 बी) के तहत उल्लिखित गैर-सरकारी या सरकारी शिक्षण संस्थान 18002587170

 

 

 

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