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About the cryptocurrencies or Bitcoin

क्रिप्टोकरेंसी(cryptocurrencies)

विश्व का लगभग हर देश डिजिटल युग में प्रवेश कर रहा है। जिसमें लोगो को समाचार प्राप्त करना हुआ या लोगो से बात करना हुआ, या भोजन का आर्डर देना हुआ या पैसो का लेन देन हुआ सभी चीजो का लेन देन अब डिजिटल रुप में होने लगा अब डिजिटल में cryptocurrencies प्रवेश कर इसको और मजबूती प्रदान कर ही है आइये जानते है क्रिप्टो करेंसी क्या है

What is cryptocurrencies (क्रिप्टोकरेंसी क्या है)  –

इसे डिजिटल करेंसी कहा जाता है जिसका प्रयोग डिजिटल रुप से लेन देन के लिए किया जाता है इस करेंसी को को हम फिजिकल रुप से इस्तेमाल नही कर सकते है क्योकि यह करेंसी डिजिटल फार्म में होता है या कह सकते है यह करेंसी वर्चुल फार्म में होता है ।

यदि जिस वस्तु का हम डिजिटल रुप से खरीदारी नही कर सकते है वहां पर इस करेंसी का प्रयोग नही कर सकते है

इसके प्रत्येक लेनदेन को डिजिटल सिग्नेचर द्वारा वैरिफिकेशन किया जाता है और इसके प्रत्येक लेनदेन का रिकार्ड रखा जाता है

 Hystory of cryptocurrencies ( क्रिप्टोकरेंसी का इतिहास)-

इस समय देखा जाय तो क्रिप्टोकरेंसी की संख्या लगभग 5000 से अधिक है इसकी शुरुआत बिटकाइन से हुई थी ए पीयर टू पीयर इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम नामक एक पेपर को क्रिप्टोग्राफी पर मेलिंग सूची चर्चा में पोस्ट किया गया था। जिसको सातोशी नकामोतो द्वारा 2008 मे पोस्ट किया गया था और 2009 में ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर के रुप में जारी किया गया था। इसलिए बिटकाइन को पहला क्रिप्टोकरेंसी के रुप में जाना जाता है। इसके कुछ दिनो बाद अल्टरनेटिव आपश्न भी आया जिसको लाइटकाइन के नाम से जानते है। इस लाइटकाइन को 2011 में रीलीज किया गया था।इसके बाद बहुत सारे क्रिप्टोकरेसीं बाजार में आये ।

Legaly Recognized(कानूनी रुप से मान्यता)-

क्रिप्टोकरेंसी को कई देश लीगल मानते है और बुहत से देश इसको लीगल नही मानते है इसलिए इसको मान्यता नही दिये है।

इस करेंसी के बारे में सभी देशो की सरकार को पता है कि इस क्रिप्टोकरेंसी पर किसी सरकार,बैक या यह किसी एक परसन का कंट्रोल नही है। इसलिए इसको मान्यता देने में दिक्कत हो रह है ।

Safe of cryptocurrencies (क्रिप्टोकरेंसी कितना सुरक्षित है) –

इस करेंसी को कोई भी हैंकर हैक नही कर सकता क्योकि इस करेंसी के चैन को जैसे ही ब्रैक किया जाता है वैसे ही यह जीरो हो जाता है। इसलिए यह करेंसी पूरी तरह से सुरक्षित है।

क्रिप्टोकरेसीं को बहुत सारे देशो द्वारा मान्यता प्रदान किया गया है

Need of  cryptocurrencies (क्रिप्टोकरेसीं की जरुरत क्यो पड़ी) –

2008 में ग्लोबल क्राइसेस की वजह से सभी बैंक आर्थिक संकट से जूझ रहे थे जिससे लोगो का पैसा डूब रहा था। इसी को देखते हुए क्रिप्टोकरेसीं का जन्म हुआ कि लोग अपने पैसे को खुद कंट्रोल कर सके। उनके पैसे पर किसी सरकार या बैंक का अधिकार न हो। न ही कोई उसे चुरा सके। और अपने पैसे का सही स्थान पर प्रयोग कर सके।

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Populer cryptocurrencies (प्रचलित क्रिप्टोकरेसीं)-

Bitcoin(BCH)

क्रिप्टोकरेसीं में सबसे अधिक किमती बिटकाइन ही है जिसकी शुरुआत 2008 में ग्लोबल क्राइसेस के समय हुआ था। इसकी संख्या सीमित है और इसकी मांग बाजार में सबसे अधिक है । इसकी खोज करने वाले की सही रुप से जानकारी है लेकिन इसको पहली बार पोस्ट करने वाले सातोशी नकामोतो को माना जाता है।

Ethereum(ETH)

इसे Ether के नाम से जानते है इसको 2015 में जारी किया गया था इसकी मार्केट कीमत दूसरे स्थान पर है।Valuabe digital money के रुप में तीसरे स्थान पर है। यह जिस टेक्नोलाजी का प्रयोग कर रह है उसे इथेरियम ब्लाक चैन कहा जाता है

Litcoin(LTC)

बिटकाइन के बाद जारी होने वाला दूसरा क्रिप्टोकरेंसी है इसको 2011 में चार्ली ली द्वारा रिलीज किया गया था। यह Scrypt algorithm को फालो करती है। इसके अलावा यह क्रिप्टोकरेसी प्रसिद्धी के मामले में 5वें स्थान पर है

Cardano(ADA)

कार्डानो काइन को ADA के नाम से जाना जाता है। यह POS Block chain Plateform है। जिसका प्रयोग पीर टू पीर ट्रान्जैक्शन के लिए किया जाता है इसकी शुरुआत एथेरियम के को फाउन्डर चार्लेस हासकिनसन द्वारा 2015 में किया गया था और इसको लान्च 2017 में किया गया था

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Dogecoin(DOGE)-

डॉग काइन आजकल सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला क्रिप्टोकरेंसी है। इस क्रिप्टोकाइन की पहचान कुत्ते की शक्ल है।

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इस काइन की शुरुआत मजाक में 2013 में साफ्टवेयर इंजीनियर बीलि मरक्स और जैक्शन पालमर द्वारा किया गया था।इस समय इसके प्रत्येक सिक्के की कीमत 29 रुपये के आसपास है यह लिमीटलेट क्रिप्टोकरेसीं है, जबकि बिटकाइन क्रिप्टोकरेंसी लिमिट है क्योकि इसके 21 मिलियन ही सिक्के है। यह चर्चा में इसलिए भी है क्योकि इसका सपोर्ट एलेम मस्क द्वारा किया गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी अधिसूचना-

भारतीय रिजर्व बैंक  द्वारा 24 दिसम्बर 2013 को बिटकॉइन जैसी वर्चुअल मुद्राओं के सम्बन्ध में एक विज्ञानपन जारी की गया है । इसमें यह बताया गया है कि इन मुद्राओं के लेन-देन को कोई अधिकारिक अनुमति नहीं दी गयी है और इसका लेन-देन करने में कईं स्तर पर जोखिम है। हाल ही में बिटकॉइन पर आर बी आई द्वारा लगाई गई रोक सुप्रीम कोर्ट की तरफ से हटाई गई है।

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