This image represent to HIV

About the AIDS

AIDS-

विश्व एड्स दिवस हर साल एक दिसम्बर को मनाया जाता है ।इसका पूरा नाम HIV/AIDS ( Human Immunodeficiency virus infection and acquired immune deficiency syndrome) के नाम से जानते है इसकी शुरुआत 1988 के बाद एक दिसम्बर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत इसलिए किया गया था कि लोगो को एचआईवी के प्रसार को रोकना तथा लोगो को इसके बारे में जागरुक करना। इसका पहला मामला कांगो में मिला था । इसके बाद पूरे विश्व में फैला। इस बिमारी का इलाज आजतक वैज्ञानिक खोज नही पाये । लोगो का कहना है इस बिमारी का जानकारी या बचाव ही इलाज है आइये जानते है इसके बारे में

1 December-  विश्व एड्स दिवस

एड्स दिवस 2021 की थीम-

विश्व एड्स दिवस 2021 की थीम असमानताओं को समाप्त करना और AIDS को समाप्त करना।

HIV-

ऐसा व्यक्ति जिसके शरीर के अन्दर एच. आई. वी. हो पर लक्षण दिख न रहा हो तो उसे एच.आई.वी पाजटिव कहा जाता है ।

एड्स की कल्पना-

पूरे विश्व के लोग जिस एड्स दिवस को मनाता है उसकी पहली बार कल्पना थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न द्वारा 1987 में की गई थी।

एड्स का पहला मामला-

पहली बार एड्स अफ्रीकी देश के खास बंदरो में पाया गया था। अफ्रीकी देश के लोग द्वारा बंदरो सेवन करने के कारण यह मनुष्य में फैला। 1959 में एक बिमार आदमी के मौत के बाद उसके खून के सैम्पल का जांच करने पर इस बिमारी के बारे में पता चला।

कौन जिम्मेदार-

पहला मामला कांगो के बिमार व्यक्ति से मिलने के बाद पता चला कि यह कैसे फैला था। बताया जाता है कांगो की राजधानी किंशास शहर सेक्स ट्रेड का गढ़ था। वही से सेक्स सम्बन्ध बनाने की वजह से यह बिमारी कैरिबियाई देश में फैला।कैरिबियाई देश में फैलने के बाद यह अमेरिका में फैला फिर 1980 के बाद पूरे विश्व में फैल गया ।

कौन संक्रमित होता है-

शुरु में यह सिर्फ बच्चो और युवाओं को जोड़ कर देखा जाता है लेकिन बाद में पता चला कि यह किसी को भी हो सकता है।

भारत में एड्स-

भारत में एड्स का पहला मामला 1986 में आया था।

भारत सरकार द्वारा जारी आकड़ो के अनुसार भारत में लगभग 2.1 मिलियन रोगी बताये जाते है।

इलाज या बचाव-

अभी तक इसका कोई दवा या वैक्सीन बना नही है बचाव ही इसका इलाज है। इसके इलाज के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे है।

इस्तेमाल हुई सूई का प्रयोग न करे।

खून को जांच कर ही चढवाए।

दाढी या बाल कटवाते समय नये ब्लेड का इस्तेमाल करे।

संक्रमित व्यक्ति से सेक्स सम्बन्ध न बनाये।

ओमीक्रान कोरोना वायरस के बारे में जाने

एड्स पीड़ित व्यक्ति निम्म बिमारियो से पीड़ित हो सकता है –

बुखार

सिरदर्द

भोजन न करने का मन करना

बार बार जुखाम होना

कैंसर

टीबी

ओरल थ्रो मुंह या गले फंग्स इन्फेक्शन

क्रिप्टोकोकस (मस्तिष्क में होने वाला फंगल इन्फेक्शन)

एड्स के बारे में मिथ्या-

बहुत सारे लोगो कई सारी गलत जानकारी होती है जिसके वजह से पीड़ित व्यक्ति को हीन भावना से देखते है और उनसे दूरी बना लेते है। आइये जानते है लोगो  में   AIDS के बारे में कौन  सी गलत जानकारी  है।

एड्स से पीड़ित व्यक्ति के खाना खाने से नही फैलता है।

हाथ मिलाने से नही फैलता है।

मच्छर और कीट के काटने से नही फैलता है।

खांसी या छींक से नही फैलता है।

एक ही टायलेट के प्रयोग से नही फैलता है।

बर्तनो के साझेदारी से नही फैलता है।

विविध-

यह एक वायरस  है मनुष्य के अन्दर विभिन्न  माध्यमो के द्वारा प्रवेश करता है जैसे -खून चढ़ाने पर , सेक्स सम्बन्ध बनाने पर।

इस बिमारी से पीड़ित व्यक्ति का इम्युनीटि कमजोर हो जाती है।

इस समय 900 बच्चे पूरे दुनिया में हर दिन इससे संक्रमित हो रहे है।

जब एड्स से पीड़ित व्यक्ति का खून किसी नार्मल व्यक्ति को चढ़ाया जाता है तो नार्मल व्यक्ति भी एड्स से पीड़ित हो जाता है।

सेक्स सम्बन्ध बनाने से भी व्यक्ति एड्स से पीड़ित हो जाता है।

स्तनपान कराने से भी बच्चा एड्स से संक्रिमित हो जाता है।

एंट्री रेट्रोवायरल थैरेपी के द्वारा लम्बे समय तक व्यक्ति जीवित रह सकता है।

संक्रमित सूई के इस्तेमाल से भी एड्स फैलता है।

यदि माँ संक्रमित है तो उसका होने वाला बच्चा भी संक्रमित होगा।

About the Periodic table Part -2 in hindi

All information about the Rajasthan

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!