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Cloud Computing kya hota hai in hindi

Cloud Computing

कुछ ही समय में टेक्नॉलाजी इतना ग्रो कर चुका है कि लोग अपने डेटा को स्टोर करने के लिए क्लाउड कम्प्युटिंग का इस्तेमाल कर रहे है। क्लाउड कम्प्युटिंग का इस्तेमाल लगभग हर कंपनी कर रही है लेकिन इसका आविष्कार जब हुआ था तब इसका इस्तेमाल न के बराबर होता था। क्योकि लोगो को इसके बारे में पता ही नही था। इसके अलावा लोगो की जरुरत बहुत कम थी और इंटरनेट का लोग द्वारा इस्तेमाल बहुत कम किया जाता था। लेकिन आज के समय में जैसे ही वेबसाइट पर युजर का लोड बड़ता है लोग cloud Computing का इस्तेमाल करने लगते है। आज के समय में हर शोसल नेटवर्क या अन्य साइट हो इनके द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता है चाहे वह युट्युब,फेसबुक, अमेज़न,गुगल या माइक्रोसाफ्ट हो

क्लाउड कंप्युटिंग क्या होता है-

आधुनिक युग में अपने डेटा को ऑनलाइन सुरक्षित रखने का बेहतर तरीका यदि आपने अपना डेटा क्लाउड कम्प्युटिंग पर रखे है तो उस डेटा को पूरे विश्व में कही से भी ब्राउजर की मदद से एक्सेस कर सकते है।

क्लाउड कंप्युटिंग का इतिहास-

इस तकनीक की शुरुआत लगभग 1960 में हुआ था लेकिन इसकी पूर्ण रुप से शुरुआत 1990 में Salesforce Company द्वारा किया गया था। Salesforce Company द्वारा शुरु होने के बाद लोगो को इसके बारे में पता चला। उस समय इसका इस्तेमाल बहुत कम लोगो द्वारा किया जाता है था लेकिन धीरे धीरे लोग इस तकनीक के फायदे के बारे में जानने लगे जिससे 21 सदीं के शुरुआत में विश्व की जानी मानी कंपनी द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाने लगा। आइये जानते विश्व की जानी मानी कौन सी कंपनी है जो इस तकनीक का इस्तेमाल करती है।

क्लाउड कम्प्युटिंग का इस्तेमाल करने वाली पापुलर साइट-

यह तकनीक इतना प्रसिद्ध हुआ की विश्व की जानी मानी कंपनी इसका इस्तेमाल करती है।

YouTube-

YouTube का इस्तेमाल पूरे विश्व में किया जाता है जिसपर लाखों युजर विडियो को प्रतिदिन अपलोड करते है इन विडियो को स्टोर करने के लिए YouTube द्वारा Cloud Computing का इस्तेमाल किया जाता है।

Facebook- फेसबुक जो एक शोसल नेटवर्क साइट है जिस पर लाखो युजर जुड़ कर अपने विचारो को शेयर करते है फेसबुक इन सभी युजर के डेटा को स्टोर करने के लिए क्लाउड कम्प्युटिंग का प्रयोग करता है।

Amazon या FlipKart-

ये दोनो कंपनी e- commerce से सम्बन्धित है और दोनो ही कंपनियो क्लाउड कम्प्युटिंग का इस्तेमाल करती है।

Google-

विश्व का सबसे बड़ा सर्च इंजन गुगुल द्वारा क्लाउड कम्प्युटिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

MicroSoft –

विन्डोज और माइक्रोसाफ्ट ऑफिस की निर्माता कंपनी द्वारा क्लाउड कम्प्युटिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

क्लाउड कम्प्युटिंग की जरुरत क्यो है-

जब आप किसी भी डेटा, म्युजिक, या किसी भी रिकार्ड को किसी भी स्टोरेज डिवाइस में रखते है तो वह स्टोरेज डिवाइस काफी दिन तक रखने पर खराब होने का डर बना रहता है अथवा उस स्टोरेज डिवाइस को अन्य स्थान पर ले जाने में दिक्कत होती क्योकि सब यही सोचते है कही ये गायब न हो जाये इन सभी बातो को ध्यान में रखते हुए हमे ऐसे स्टोरेज डिवाइस की जरुरत महसूस हुयी।

Type of Cloud Computing क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रकार-

मुख्य रुप से क्लाउड कंप्यूटिंग चार प्रकार के होते है –

पब्लिक क्लाउड कंप्युटिंग

पब्लिक क्लाउड कंप्युटिंग कुछ जीबी डेटा तक यह फ्री में सभी लोगो के लिए उपलब्ध रहता है जैस Amazon web Service , Microsoft द्वारा फ्री में यह सुविधा प्रदान किया जाता है।

प्राइवेट क्लाउड कंप्युटिंग-

यह जो भी डेटा रहता है वह सुरक्षित रहता है इस पर उपस्थित डेटा बिना आपके इजाजत के कोई एक्सेस नही कर सकता है।

कम्युनिटी क्लाउड कंप्युटिंग-

यहां पर उपस्थित डेटा को निश्चत समुह के लोग ही एक्सेस कर सकते है। कोई बाहरी व्यक्ति उसके डेटा को एक्सेस नही कर सकता है। जैसे कोई कंपनी या कोई सरकारी संस्था आदि

हाइब्रिंड क्लाउड कंप्युटिंग-

हाइब्रिंड क्लाउडिं वह क्लाउडिंग होता है जिसमें उपस्थित कुछ डेटा प्राइवेट और पब्लिक दोनो होता है। जो डेटा प्राइवेट होता है उस डेटा को वही लोग एक्सेस कर सकते है जिनके पास युजर आईडी और पासवर्ड होता है।

क्लाउड कंप्युटिंग के फायदे-

यदि कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल करता है तो वह व्यक्ति इसमें उपस्थित डेटा को कहीं से भी एक्सेस कर सकता है। जिसके लिए इंटरनेट की आवश्यकता पड़ती है। जबकि हार्ड डिस्क में उपस्थित डेटा को एक्सेस करने के लिए आपको हार्डडिस्क अपने साथ रखना पड़ता है।

आप अपने जरुरत के अनुसार स्पेस खरीद सकते है जैसे आपको 10 जीबी स्पेस की जरुरत है तो आप 10 स्पेस खरीद सकते है जबकि हार्डडिस्क में यदि 10 स्पेस की जरुरत है तो भी आप को एक निश्चत जीबी की हार्ड डिस्क खरीदना पडेगा।

क्लाउड कम्प्युटिंग के फायदे-

इस पर स्टोर डेटा इंटरनेट द्वारा कही से भी एक्सेस किया जात सकता है

इस पर स्टोर डेटा लास नही होता है।

बिना युजर के आज्ञा के इस पर उपस्थित डेटा कोई भी अन्य व्यक्ति एक्सेस नही कर सकता है।

इसको स्टोर करने के लिए किसी हार्डवेयर पार्ट की जरुरत नही पड़ती है।

इसपर डेटा को किसी मोबाइल या लैपटॉप से डेटा को स्टोर कर सकते है।

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