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About the Telnet in hindi

Telnet-

Telnet का फुल फार्म होता Terminal Network.

इस डिजिटल युग में हर व्यक्ति एक स्थान पर बैठकर सारे काम को समाप्त करना चाहता है। क्योकि इससे उसके समय की बचत होती है काम भी तेजी से समाप्त होता है और रिस्क भी कम रहता है। इसके लिए वह विभिन्न तरकीबो का इस्तेमाल करता है। उन्ही मे से एक है Telnet जिसका प्रयोग एक कम्प्युटर द्वारा दूर स्थित कम्प्युटर को संचालित करना

क्योकि यदि कोई व्यक्ति दूसरे स्थान पर न जाकर एक स्थान से ही दुसरे काम को समाप्त कर रहा है तो इससे उसके समय की बचत होती है और वह समय दूसरे काम को समाप्त करने में लगाता है।

टेलनेट क्या होता है What is Telnet-

इसको वर्चुअल टर्मिनल कनेक्शन भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का नेटवर्क प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग नेटवर्क पर उपस्थित अन्य डिवाइस (कम्प्युटर या सर्वर) से कम्प्युनिकेट करने के लिए किया जाता है।

यदि टेलनेट के द्वारा किसी डिवाइस से कम्युनिकेट करते है तो उसके लिए कमान्ड लाइन इन्टरफेस का प्रयोग किया जाता है।

टेलनेट का विकास Development of Telnet-

टेलनेट का विकास 1969 में RFC 15 साथ किया गया था जिसे RFC 855 में विस्तातिर किया गया था। जो पहले इंटरनेट मानको में से एक था। जिसको टेल ए टाइप नेटवर्क के नाम से जानते है।

आज के समय मे टेलनेट का प्रयोग प्रचलन से बाहर हो चुका है उसके स्थान पर बाजार मे बहुत सारे साफ्टवेयर इस तरह का काम कर रहे है जैसे Teamviewer , AnyDesk , Zoho Assist, RemotePC , VNC Connect Etc.

Telnet प्रयोग बाजार से बाहर क्यो हो गया-

जैसा कि Telnet पहला प्रोटोकाल था जिसका प्रयोग रिमोट डेस्कटाप को एक्सेस करने के लिए प्रयोग किया जाता था। जैसे जैसे टेक्नालॉजी ग्रो करने लगी इसको हैक करने की संभावना बढ़ने लगी क्योकि इसमे युजरनेम और पासवर्ड को बिना Encryption में भेजा जाता था जिससे इसको सेफ नही माना जाने लगा। इसके स्थान पर SSH(Secure Shell) का प्रयोग किया जाने लगा। SSH के आने के बाद टेलनेट का प्रयोग केवल प्राइवेट नेटवर्क में ही किया जाता था।

विविध-

  • इसको हम वर्चुअल टर्मिनल कनेक्शन के नाम से जानते है।
  • इसका प्रयोग डेटा को सेन्ड और रिसीव करने के लिए करते है।
  • इसका प्रयोग सभी प्रकार के आपरेटिंग सिस्टम पर कर सकते है।
  • इसके प्रयोग से किसी होस्ट पर जाने की जरुरत नही पड़ती है।
  • यह करेक्टर पर आधारित कम्युनिकेशन प्रोटोकाल है।
  • इसको प्रयोग करने के लिए नेटवर्क का होना जरुरी है।
  • इसका विकास 1969 में किया गया था।

इंटरनेट के उत्पत्ती के बारे में जाने 

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